SANKALP
Monday, 2 January 2012
मजहबी पंडो ने बोया उन्माद
कटुता के खेत में हिंसा का खाद
लहलहा रही है नफरत की फसलें
दया,प्रेम,मानवता करे आर्तनाद
दूषित परिवेश है भयभीत भाईचारा
स्वागत है आपका दो हजार बारह[२०१२]
शिवा मोहंती पिथोरा
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