छत्तीसगढ़ के बालोद में आयोजित नेत्र शिविर में डाक्टरों की लापरवाही एवं अमानवीयता के चलते आँखों का
आपरेशन करवाने वाले 3 मरीजो की मौत हो गई और लगभग १५ मरीजो ने अपने आँखों की रौशनी पूरी तरह
खो दी / यह घटना दुर्भाग्य पूर्ण भी है और मानवता को शर्मसार करने वाला भी/ चिकित्सको के कुशल एवं दक्ष
हाथो से नेत्र-ज्योति पा लेने का सपना संजोये लोगो को क्या मालूम कि दरअसल वो क्रूर एवं जालिम हाथ थे /
प्रशासनिक स्तर पर जाँच ,दोषियों पर कार्यवाही जैसे खानापूर्ति प्रारंभ तो कर दी गई है किन्तु उन संवेदन -
हीन डाक्टरों पर सख्त कार्यवाही अनिवार्य रूप से कि जाये ताकि भविष्य में इस तरह कि अमानवीय घटनाओ
कि पुनरावृत्ति ना हो
शिवा मोहंती पिथोरा
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