Thursday, 13 October 2011

सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील एवं टीम अन्ना के वरिष्ठ सदस्य प्रशांत  भूषण के केबिन में घुसकर मार-पीट की 
घटना निंदनीय है /किसी बात पर असहमति अपनी जगह सही है ,लेकिन इस तरह कानून को अपने हाथ में लेना असंवैधानिक भी है और गुंडा-गर्दी भी/भगतसिंह क्रांति-सेना के सदस्यों का यह व्यवहार भर्त्सना योग्य है /बहरहाल इसके दूसरे पहलू पर गौर करना भी जरूरी है / हमारे देश में अभिव्यक्ति की आज़ादी है ,लेकिन राष्ट्रीय भावना से जुड़ा कोई मसला हो तो उस पर विपरीत टिपण्णी करना बुद्धिमानी नहीं है/ कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है यह हमारे देश की जन-जन की भावना है /अतः इसे भारत से अलग करने की अभिव्यक्ति प्रशांत-भूषण के 
साथ घटी घटना को आमंत्रण देने जैसा ही है /दोनों पक्षों  को इस और ध्यान देना देश की एकता और अखंडता के लिए लाजिम होगा / 

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